हिंदू धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र माना गया है। पूजन आदि शुभ कार्यों में
भी इसका उपयोग किया जाता है। आज हम आपको दक्षिणावर्ती व मोती शंख के बारे में बता
रहे हैं। इन दोनों शंखों का उपयोग ज्योतिषीय उपायों में किया जाता है। ये हैं इनसे
किए जाने वाले उपाय-
ज्योतिषीय उपायों में दक्षिणावर्ती शंख का विशेष महत्व है। इस शंख को
विधि-विधान पूर्वक घर में रखने से कई प्रकार की बाधाएं शांत हो जाती हैं और धन की
भी कमी नहीं होती, लेकिन इसे घर में
रखने से पहले इसका शुद्धिकरण अवश्य करना चाहिए।
इस विधि से करें शुद्धिकरण
लाल कपड़े के ऊपर दक्षिणावर्ती शंख को रखकर इसमें गंगाजल भरें और कुश (एक
विशेष प्रकार की घास) के आसन पर बैठकर इस मंत्र का जाप करें- ऊं श्री लक्ष्मी
सहोदराय नम:
इस मंत्र की कम से कम 5 माला जाप करें।
उपाय
1. दक्षिणावर्ती शंख को अन्न भंडार में रखने से अन्न, धन भंडार में रखने से धन, वस्त्र भंडार में रखने से वस्त्र की कभी कमी
नहीं होती। बेडरूम में इसे रखने से शांति का अनुभव होता है।
2. इस शंख में शुद्ध जल भरकर, व्यक्ति, वस्तु, स्थान पर छिड़कने से दुर्भाग्य, अभिशाप, तंत्र-मंत्र आदि का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
3. इसे घर में रखने से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा अपने आप
ही समाप्त हो जाती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है।
मोती शंख
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मोती शंख एक
विशेष प्रकार का शंख होता है। ये आम शंख से थोड़ा अलग दिखाई देता है और थोड़ा
चमकीला भी होता है। इस शंख को विधि- विधान से पूजन कर यदि तिजोरी में रखा जाए तो
घर, ऑफिस व दुकान में पैसा
टिकने लगता है। आमदनी बढऩे लगती है।
उपाय
किसी बुधवार को सुबह स्नान कर साफ कपड़े में अपने सामने मोती शंख को रखें और
उस पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बना दें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का जाप करें-
श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:
मंत्र का जप स्फटिक माला से ही करें। मंत्रोच्चार के साथ एक-एक चावल इस शंख
में डालें। इस बात का ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए ना हो। यह प्रयोग लगातार 11
दिनों तक करें। इस प्रकार रोज एक माला जाप
करें। उन चावलों को एक सफेद रंग के कपड़े की थैली में रखें और ग्यारह दिनों के बाद
चावल के साथ शंख को भी उस थैली में रखकर तिजोरी में रखें। कुछ ही दिनों में धन
वृद्धि के योग बनने लगेंगे।


No comments:
Post a Comment