प्रथम
पूज्य श्रीगणेश का
मान लेने से
ही सभी कार्य
सिद्ध हो जाते
हैं। शास्त्रों के
अनुसार घर में
इनकी मूर्ति रखना
बहुत शुभ माना
जाता है। वैसे
तो अधिकांश घरों
में गणेशजी की
कई मूर्तियां होती
हैं, लेकिन ध्यान
रखें कि इनकी
मूर्तियों की संख्या
1, 3 या 5 नहीं होना
चाहिए। यह अशुभ
माना गया है।
गणेशजी की मूर्तियों
की संख्या विषम
नहीं होना चाहिए।
श्रीगणेश का स्वरूप
सम संख्या के
समान होता है,
इस कारण इनकी
मूर्तियों की संख्या
सम होना चाहिए।
सम संख्या यानी
2, 4, 6 आदि। घर में
श्रीगणेश की कम
से कम दो
मूर्तियां रखना बहुत
शुभ माना गया
है।
शिवलिंग
की संख्या और
आकार
ऐसा
माना जाता है
कि शिवलिंग के
सिर्फ दर्शन से
ही सभी मनोकामनाएं
पूरी हो जाती
हैं। घर में
शिवलिंग रखने के
संबंध में कुछ
नियम बताए गए
हैं। घर के
मंदिर में रखे
गए शिवलिंग का
आकार हमारे अंगूठे
से बड़ा नहीं
होना चाहिए। शिवलिंग
बहुत संवेदनशील होता
है, इसीलिए घर
में ज्यादा बड़ा
शिवलिंग नहीं रखना
चाहिए। साथ ही,
घर के मंदिर
में एक शिवलिंग
ही रखा जाए
तो वह ज्यादा
बेहतर फल देता
है। एक से
अधिक शिवलिंग रखने
से बचना चाहिए।
हनुमानजी
की मूर्तियां
घर
के मंदिर में
हनुमानजी की मूर्ति
की संख्या एक
ही होनी चाहिए,
क्योंकि बजरंग बली रुद्र
(शिव) के अवतार
हैं। घर में
शिवलिंग भी एक
ही होना चाहिए।
मंदिर में बैठे
हुए हनुमानजी की
प्रतिमा रखना शुभ
होता है। घर
के अन्य भाग
में हनुमानजी की
मूर्ति नहीं, लेकिन ऐसी
फोटो रखी जा
सकती है, जिसमें
वे खड़े हुए
हों। घर के
दरवाजे के पास
उड़ते हुए हनुमानजी
की फोटो रखी
जा सकती है।
ध्यान रखें पति-पत्नी को बेडरूम
में हनुमानजी की
मूर्ति या फोटो
नहीं लगाना चाहिए।
बेडरूम में राधा-कृष्ण का फोटो
लगाया जा सकता
है।
मां
दुर्गा और अन्य
देवियों की मूर्तियों
की संख्या
घर
के मंदिर मां
दुर्गा या अन्य
किसी देवी की
मूर्तियों की संख्या
तीन नहीं होना
चाहिए। यह अशुभ
माना जाता है।
यदि आप चाहें
तो तीन से
कम या ज्यादा
मूर्तियां घर के
मंदिर में रख
सकते हैं। अलग-अलग देवी-देवताओं की एक-एक मूर्तियां
रखी जा सकती
है।
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