हिंदू धर्म में
कई बातों की
मान्यताएं हैं। दान करना
भी उन्हीं में
से एक है।
हर मनुष्य को
अपनी श्रद्धा के
अनुसार कुछ न
कुछ दान अवश्य
करना चाहिए। शास्त्रों में
भी दान को
लेकर कई महत्व
बताए गए है।
दान उसे ही
देना चाहिए, जिसे
उसकी आवश्यकता हो।
धन-धान्य से
संपन्न मनुष्य या
दुराचारी मनुष्य को दिया
गया दान व्यर्थ
माना जाता है।
जरूरतमंद व्यक्ति को दान देने
से मनुष्य ही
सभी मनोकामनाएं पूरी
होती हैं। कई
बार ग्रहों के
दोषों का निवारण
भी दान देकर
किया जा सकता
है। लेकिन, दान
देते समय कुछ
बातों का ध्यान
रखना बहुत जरूरी
होता है। अगर
सभी बातों का
ध्यान रख कर
दान किया जाए,
तो उसका शुभ
फल जरूर मिलता
है।
दान देने वाले और लेने वाले की दिशा
शास्त्रों के अनुसार, दान
देते समय दान
देने वाले मनुष्य
का मुंह पूर्व
दिशा की ओर
होना चाहिए और
दान लेने वाले
का मुंह उत्तर
दिशा की ओर
होना चाहिए।
क्या दान करने
से मिलता है
कौन सा लाभ-
1. तिल- जिस
भी मनुष्य को
संतान प्राप्ति की
इच्छा हो, उसे
तिल का दान
करना चाहिए।
2. लोहा- लोहा
दान करने से
रोगों का नाश
होता है और
शनि के दोषों
का भी निवारण
होता है।
3. स्वर्ण (सोना)-
लंबी उम्र की
इच्छा रखने वाले
को सोने का
दान देना चाहिए।
4. कपास- कपास
का दान करने
से सुख-शांति
की प्राप्ति होती
है।
5. नमक- नमक
का दान करने
से दान करने
वाले को कभी
अन्न की कमी
नहीं होती है।
6. सप्तधान्य- ये
सप्तधान्य का दान करने
से दान करने
वाले का धन-सपंत्ति और सुख हमेशा
बना रहता है।
7. भूमि- भूमि दान
करने से उत्तम
घर की प्राप्ति
होती है।
8. गौ- गाय का
दान करने पर
सूर्यलोक की प्राप्ति
होती है।
9. घी- हमेशा धन-सपंत्ति
बनाए रखने के
लिए घी का
दान किया जाना
चाहिए।
10. वस्त्र-
चन्द्रलोक की प्राप्ति
के लिए वस्त्रों
का दान किया
जाना चाहिए।
11. गुड़- धन-धान्य
की प्राप्ति के
लिए गुड़ का
दान करना चाहिए।
12. चांदी-
अच्छे रूप और
सौंदर्य के लिए
चांदी दान किया
जाता है।
13- बैल- बैल का
दान करने पर
सपंत्ति की प्राप्ति
होती है।
14. वाहन- वाहन का
दान करने से
अच्छी पत्नी की
प्राप्ति होती है।
15. गाय को घास-
पापों से मुक्ति
पाने के लिए
गाय को घास
का दान देना
चाहिए।
16. दीपदान-
दिपों का दान
करने से नेत्र
संबंधि रोग नहीं
होते है।
17- औषधि- किसी जरूरतमद
को औषधि का
दान करने से
सुख की प्राप्ति
होती है।
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