कल
(17 जुलाई) आषाढ़ मास की
गुप्त नवरात्रि का
पहला दिन है।
इस दिन शुक्रवार
व पुष्य नक्षत्र
का शुभ योग
बन रहा है।
शुक्रवार माता लक्ष्मी
का दिन माना
गया है, वहीं
पुष्य नक्षत्र में
किया गया कोई
भी उपाय लंबे
समय तक शुभ
फल देता है।
ज्योतिषियों
की मानें तो
इस शुभ योग
में कुछ विशेष
उपाय करने से
मां लक्ष्मी प्रसन्न
हो सकती हैं,
लेकिन ध्यान रखें
कि शुक्रवार को
पुष्य नक्षत्र शाम
को 4 बजकर 19 मिनिट
तक ही रहेगा।
इसलिए जो भी
उपाय आप करना
चाहते हैं, वो
इससे पहले ही
कर लें तो
अच्छा रहेगा।
1. शुक्रवार
व पुष्य नक्षत्र
के योग में
मां लक्ष्मी का
विधि-विधान से
पूजन करें और
उसके बाद मां
लक्ष्मी के चरणों
में सात लक्ष्मीकारक
कौड़ियां रखें। आधी रात
के बाद इन
कौड़ियों को घर
के किसी कोने
में गाड़ दें।
इस उपाय से
धन लाभ होने
के योग बन
सकते हैं।
2. पुराने
चांदी के सिक्के
और रुपयों के
साथ कौड़ी रखकर
उनका लक्ष्मी पूजन
के समय केसर
और हल्दी से
पूजन करें। पूजा
के बाद इन्हें
तिजोरी में रख
दें। इस उपाय
से आपकी तिजोरी
में बरकत बनी
रहेगी।
3. शुक्रवार
को सुबह जल्दी
उठकर स्नान आदि
कार्यों से निपट
कर किसी लक्ष्मी
मंदिर में जाएं
और मां लक्ष्मी
को कमल के
फूल अर्पित करें
और सफेद रंग
की मिठाई का
भोग लगाएं। मां
लक्ष्मी से धन
संबंधी समस्याओं के निवारण
के लिए प्रार्थना
करें। कुछ ही
समय में आपकी
समस्या का समाधान
होने के योग
बनने लगेंगे।
4. शुक्रवार
को दक्षिणावर्ती शंख
में जल भरकर
भगवान विष्णु का
अभिषेक करें। इस उपाय
में मां लक्ष्मी
जल्दी प्रसन्न हो
जाती हैं और
साधक को धन
लाभ होने की
स्थिति बन सकती
है।
5. कल
सुबह घर के
ईशान कोण में
गाय के घी
का दीपक लगाएं।
बत्ती में रुई
के स्थान पर
लाल रंग के
धागे का उपयोग
करें, साथ ही
दीपक में थोड़ी
सी केसर भी
डाल दें। इस
उपाय से भी
धन संबंधी समस्याएं
समाप्त होने लगती
हैं
6. लघु
नारियल- ये नारियल
आम नारियल से
थोड़ा छोटा होता
है। तंत्र-मंत्र
में इसका खास
महत्व है। नारियल
को श्रीफल भी
कहते हैं यानी
देवी लक्ष्मी का
फल। शुक्रवार को
इसकी विधि-विधान
से पूजा कर
लाल कपड़े में
बांधकर ऐसे स्थान
पर रखें, जहां
किसी की नजर
इस पर न
पड़े। इस उपाय
से मां लक्ष्मी
अति प्रसन्न होती
हैं।
7. श्रीयंत्र-
यंत्र शास्त्र में
श्रीयंत्र की विशेष
महिमा बताई गई
है। इसे यंत्रराज
की उपाधि दी
गई है। इस
यंत्र को धन
वृद्धि, धन प्राप्ति,
कर्ज से सम्बन्धित
धन पाने के
लिए, लोन इत्यादि
प्राप्त होने के
लिए तथा लाटरी,
सट्टा आदि द्वारा
धन पाने के
लिए उपयोग में
लाया जाता है।
शुक्रवार को इसकी
स्थापना घर के
पूजन कक्ष में
करें।
8. दक्षिणावर्ती
शंख- ज्योतिष में
दक्षिणावर्ती शंख का
विशेष महत्व है।
इसे घर के
पूजा स्थान या
तिजोरी मेंं रखने
से माता लक्ष्मी
स्वत: ही इसकी
ओर आकर्षित होती
है और रंक
को भी राजा
बना देती हैं।
अक्षय तृतीया के
दिन इसे पूजा
स्थान पर रखने
और रोज इसकी
पूजा करने से
साधक बहुत जल्दी
धनवान बन जाता
है। ये बहुत
ही चमत्कारी उपाय
है।
9. कमल
गट्टा- कमल गट्टा
कमल से निकलने
वाला एक प्रकार
का बीज है।
चूंकि मां लक्ष्मी
कमल पर ही
विराजमान होती हैं,
इसलिए इस बीज
को बहुत ही
चमत्कारी माना जाता
है। इसे घर
के पूजन स्थान
पर रखना चाहिए।
इससे भी मां
लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
10. चांदी की
लक्ष्मी-गणेश की
मूर्ति- चांदी से निर्मित
लक्ष्मी-गणेश की
मूर्ति को घर
के पूजा स्थल
पर रखना चाहिए।
शुक्रवार व पुष्य
नक्षत्र के शुभ
योग में इनकी
स्थापना करने के
बाद प्रतिदिन इनकी
पूजा करने से
घर में कभी
धन की कमी
नहीं होती और
घर में सुख-शांति भी बनी
रहती है।
11. पारद लक्ष्मी
प्रतिमा- पारद से
निर्मित देव प्रतिमाओं
को बहुत ही
विशेष माना गया
है। घर में
पारद से निर्मित
लक्ष्मी प्रतिमा रखने से
बहुत लाभ होता
है। इस प्रतिमा
की स्थापना घर
के पूजन स्थान
पर करनी चाहिए
और प्रतिदिन इसकी
पूजा करनी चाहिए।
12. मां लक्ष्मी
की चरण पादुकाएं-
मां लक्ष्मी की
चांदी से निर्मित
चरण पादुकाएं शुक्रवार
को धन स्थान
(तिजोरी या जहां
आप पैसा रखते
हों) पर इस
प्रकार रखें कि
इसकी दिशा धन
स्थान की ओर
जाती हुई रहे।
इसका अर्थ है
लक्ष्मी सदैव आपके
धन स्थान में
ही निवास करे।
13. कौड़ी- ये
समुद्र से निकलती
है। दिखने में
यह बहुत साधारण
होती है, लेकिन
इसका प्रभाव बहुत
अधिक होता है।
लक्ष्मीजी समुद्र से उत्पन्न
हुई हैं और
कौड़ियां भी समुद्र
से निकलती हैं।
इसलिए इसमें धन
को अपनी ओर
आकर्षित करने का
प्राकृतिक गुण होता
है। इस शुक्रवार
को इसे अपनी
तिजोरी में रखें।
14. मोती शंख-
मोती शंख एक
बहुत ही दुर्लभ
प्रजाति का शंख
माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,
यह शंख बहुत
ही चमत्कारी होता
है। यह दिखने
में बहुत ही
सुंदर होता है।
इसे घर में
रखने से धन-संपत्ति बढऩे लगती
है और परिवार
वालों के बीच
सामंजस्य बना रहता
है।
15. कुबेर प्रतिमा-
भगवान कुबेर यक्ष
व गंधर्वों के
स्वामी हैं। यही
समस्त संसार के
धन की रक्षा
करते हैं। इस
शुक्रवार को इनकी
प्रतिमा घर की
उत्तर दिशा में
रखें। इस बात
का विशेष ध्यान
रखें कि जहां
इनकी प्रतिमा रखें,
वहां की साफ-सफाई रोज
की जाए। ऋतुमती
होने पर महिलाएं
कुबेर देव की
प्रतिमा को हाथ
न लगाएं।
16. एकाक्षी नारियल-
यह नारियल का
एक प्रकार है,
लेकिन इसका प्रयोग
अधिकांश रूप से
तंत्र प्रयोगों में
किया जाता है।
इसके ऊपर आंख
के समान एक
चिह्न होता है।
इसलिए इसे एकाक्षी
(एक आंख वाला)
नारियल कहा जाता
है। शुक्रवार व
पुष्य नक्षत्र के
शुभ योग में
आप इसे अपने
पूजा स्थान पर
रख सकते हैं।
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