17 जुलाई से
आषाढ़ मास की
गुप्त नवरात्रि का
आरंभ हो चुका
है, जो 25 जुलाई,
शनिवार तक रहेगी।
गुप्त नवरात्रि में
मनचाही सफलता के
लिए विशेष उपाय
किए जाते हैं।
तंत्र शास्त्र के
अनुसार, गुप्त नवरात्रि में
किए गए उपाय
जल्दी ही शुभ
फल प्रदान कर
सकते हैं।
धन, नौकरी, स्वास्थ्य, संतान, विवाह, प्रमोशन आदि कई मनोकामनाएं इन 9 दिनों में किए गए उपायों से प्राप्त हो सकती है। अगर आपके मन भी कोई मनोकामना है, तो आगे बताए गए उपायों से वह पूरी हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-
धन, नौकरी, स्वास्थ्य, संतान, विवाह, प्रमोशन आदि कई मनोकामनाएं इन 9 दिनों में किए गए उपायों से प्राप्त हो सकती है। अगर आपके मन भी कोई मनोकामना है, तो आगे बताए गए उपायों से वह पूरी हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-
1. मनपसंद वर के लिए उपाय
गुप्त
नवरात्रि के दौरान किसी
भी दिन किसी
शिव मंदिर में
जाएं। वहां भगवान
शिव एवं मां
पार्वती पर जल एवं
दूध चढ़ाएं और
पंचोपचार (चंदन, पुष्प, धूप,
दीप एवं नैवेद्य) से
पूजन करें। अब
मौली (पूजा में
उपयोग किया जाने
वाला लाल धागा)
से उन दोनों
के मध्य गठबंधन
करें। अब वहां
बैठकर लाल चंदन
की माला से
इस मंत्र का
जाप 108 बार करें-
हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।
तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।
इसके बाद तीन महीने तक रोज इसी मंत्र का जाप शिव मंदिर में अथवा अपने घर के पूजाकक्ष में मां पार्वती के सामने 108 बार करें। घर पर भी पंचोपचार पूजा करनी है।
2. शीघ्र विवाह के लिए उपाय
गुप्त
नवरात्रि में शिव-पार्वती का
एक चित्र अपने
पूजा स्थान पर
रखें और उनकी
पूजा के बाद
नीचे लिखे मंत्र
का 3, 5 अथवा 10 माला
जाप करें। जाप
के बाद भगवान
शिव से विवाह
में आ रही
बाधाओं को दूर
करने की प्रार्थना करें-
मंत्र- ऊं शं शंकराय सकल-जन्मार्जित-पाप-विध्वंसनाय,
पुरुषार्थ-चतुष्टय-लाभाय च पतिं मे देहि कुरु कुरु स्वाहा।।
3. दांपत्य सुख के लिए उपाय
यदि
जीवनसाथी से अनबन होती
रहती है, तो
गुप्त नवरात्रि में
प्रतिदिन नीचे लिखी चौपाई
को पढ़ते हुए
108 बार
अग्नि में घी
से आहुतियां दें।
इससे यह चौपाई
सिद्ध हो जाएगी।
अब रोज सुबह
उठकर पूजा के
समय इस चौपाई
को 21 बार पढ़ें।
यदि संभव हो
तो अपने जीवनसाथी से
भी इस चौपाई
का जाप करने
के लिए कहें-
चौपाई- सब नर करहिं परस्पर प्रीति।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।
4. धन
लाभ के लिए
उपाय
गुप्त
नवरात्रि के दौरान
किसी भी दिन
उत्तर दिशा की
ओर मुख करके
पीले आसन पर
बैठ जाएं। अपने
सामने तेल के
9 दीपक जला लें।
ये दीपक उपाय
पूरा होने तक
जलते रहने चाहिए।
दीपक के सामने
लाल चावल (चावल
को रंग लें)
की एक ढेरी
बनाएं फिर उस
पर एक श्रीयंत्र
रखकर उसका कुंकुम,
फूल, धूप, तथा
दीप से पूजा
करें।
उसके
बाद एक प्लेट
पर स्वस्तिक बनाकर
उसे अपने सामने
रखकर पूजन करें।
श्रीयंत्र को अपने
पूजा स्थान पर
स्थापित कर लें
और शेष सामग्री
को नदी में
बहा दें। इस
उपाय से आपको
अचानक धन लाभ
होने के योग
बन सकते हैं।
5. मनचाही
दुल्हन के लिए
उपाय
गुप्त
नवरात्रि किसी भी
दिन सुबह किसी
शिव मंदिर में
जाएं। वहां शिवलिंग
पर दूध, दही,
घी, शहद और
शक्कर चढ़ाते हुए
उसे अच्छी तरह
से साफ करें।
फिर शुद्ध जल
चढ़ाएं और पूरे
मंदिर में झाड़ू
लगाकर सफाई करें।
अब भगवान शिव
की चंदन, फूल
एवं धूप, दीप
आदि से पूजा
करें।
रात
10 बजे बाद अग्नि
प्रज्वलित कर ऊं
नम: शिवाय मंत्र
का जाप करते
हुए घी से
108 आहुति दें। अब
40 दिनों तक रोज
इसी मंत्र का
5 माला जाप करें।
इससे शीघ्र ही
आपकी मनोकामना पूर्ण
होने के योग
बनेंगे।
6. इंटरव्यू
में सफलता का
उपाय
गुप्त
नवरात्रि में किसी
भी दिन सुबह
जल्दी उठकर स्नान
आदि करने के
बाद सफेद रंग
का सूती आसन
बिछाकर पूर्व दिशा की
ओर मुख करके
उस पर बैठ
जाएं। अपने सामने
पीला कपड़ा बिछाकर
उस पर 108 दानों
वाली स्फटिक की
माला रख दें
और केसर व
इत्र छिड़क कर
उसका पूजन करें।
इसके
बाद 31 बार नीचे
लिखा मंत्र बोलें।
इस प्रकार 11 दिन
तक करने से
वह माला सिद्ध
हो जाएगी। जब
भी किसी इंटरव्यू
में जाएं तो
इस माला को
पहन कर जाएं।
ये उपाय करने
से इंटरव्यू में
सफलता की संभावना
बढ़ सकती है।
7. बरकत बढ़ाने का उपाय
गुप्त
नवरात्रि में किसी भी
दिन सुबह स्नान
कर साफ कपड़े
में अपने सामने
मोती शंख को
रखें और उस
पर केसर से
स्वस्तिक का चिह्न बना
दें। इसके बाद
नीचे लिखे मंत्र
का जाप करें-
मंत्र-
श्रीं ह्रीं श्रीं
महालक्ष्मयै नम:
मंत्र
का जप स्फटिक
माला से ही
करें। मंत्रोच्चार के
साथ एक-एक
चावल इस शंख
में डालें। इस
बात का ध्यान
रखें की चावल
टूटे हुए ना
हो। इस प्रयोग
लगातार नौ दिनों
तक करें। इस
प्रकार रोज एक
माला जाप करें।
उन चावलों को
एक सफेद रंग
के कपड़े की
थैली में रखें
और 9 दिन के
बाद चावल के
साथ शंख को
भी उस थैली
में रखकर तिजोरी
में रखें। इस
उपाय से घर
की बरकत बढ़
सकती है।
8. माता
जगदंबिका को आम
अथवा गन्ने के
रस से स्नान
करवाया जाए तो
लक्ष्मी और सरस्वती
ऐसे भक्त का
घर छोड़कर कभी
नहीं जातीं। वहां
हमेशा ही संपत्ति
और विद्या का
वास रहता है।
9. वेद
पाठ के साथ
यदि कर्पूर, अगरु
(सुगंधित वनस्पति), केसर, कस्तूरी
व कमल के
जल से देवी
को स्नान करवाया
जाए तो सभी
प्रकार के पापों
का नाश हो
जाता है तथा
साधक को थोड़े
प्रयासों से ही
सफलता मिलती है।
10. द्राक्षा (दाख)
के रस से
यदि माता जगदंबिका
को स्नान करवाया
जाए तो भक्तों
पर देवी की
कृपा बनी रहती
है।
11. यदि देवी
को दूध से
स्नान करवाया जाए
तो व्यक्ति सभी
प्रकार की सुख-समृद्धि का स्वामी
बनता है।
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