भगवान शिव की
आराधना का महीना
सावन इस बार
1 अगस्त, शनिवार से
शुरू हो रहा
है। इस बार
सावन सिर्फ 29 दिन
का ही होगा।
उज्जैन के ज्योतिषी पं.
प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार,
सावन में इस
बार दो तिथियों के
घटने और एक
तिथि के बढ़ने
से यह संयोग
19 साल
बाद बन रहा
है। इसके पहले
ये संयोग 1996 में
बना था। उस
समय भी 29 दिन
का ही सावन
था।
आमतौर पर हर साल सावन जुलाई में ही शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार पुरुषोत्तम माह होने के कारण यह अगस्त में शुरू होगा। वैसे तो सावन का पूरा महीना ही भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इस महीने में आने वाले सभी सोमवार का अपना अलग महत्व है। इस सावन में पहला सोमवार 3 अगस्त को, दूसरा 10, तीसरा 17 व चौथा 24 अगस्त को रहेगा। सावन में आने वाले इन सभी सोमवारों को अलग-अलग शुभ योग बन रहे हैं, जो भक्तों को विशेष फल देने वाले रहेंगे।
आमतौर पर हर साल सावन जुलाई में ही शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार पुरुषोत्तम माह होने के कारण यह अगस्त में शुरू होगा। वैसे तो सावन का पूरा महीना ही भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इस महीने में आने वाले सभी सोमवार का अपना अलग महत्व है। इस सावन में पहला सोमवार 3 अगस्त को, दूसरा 10, तीसरा 17 व चौथा 24 अगस्त को रहेगा। सावन में आने वाले इन सभी सोमवारों को अलग-अलग शुभ योग बन रहे हैं, जो भक्तों को विशेष फल देने वाले रहेंगे।
दो आषाढ़ का असर
पं. भट्ट के
अनुसार, इस बार
दो आषाढ़ (एक
पुरुषोत्तम मास) होने के
कारण सावन अगस्त
तक आगे बढ़
गया है। 19 साल
बाद ऐसा योग
बन रहा है,
जब सावन 29 दिन
का है। इस
बार शुक्ल पक्ष
की चतुर्थी व
दशमी का क्षय
हुआ है। इससे
दो दिन घट
गए, जबकि पंचमी
तिथि बढ़ी है।
सावन का महीना
29 अगस्त,
शनिवार को रक्षाबंधन पर्व
के साथ ही
समाप्त हो जाएगा।
पहला सोमवार : योजनाएं
पूरी
होंगी
सावन का पहला
सोमवार (3 अगस्त) एक साथ
दो शुभ योग
लेकर आया है।
इस दिन धृति
योग बन रहा
है। सर्वार्थसिद्धि योग
भी कुछ समय
रहेगा। माना जाता
है कि इस
योग में भगवान
शिव की पूजा
से बाधाएं दूर
होती हैं। योजनाओं
के आड़े आ
रही बाधाएं भी
दूर हो जाती
हैं। इस योग
में जन्म लेने
वाले बच्चे धैर्यवान
होते हैं।
दूसरा सोमवार : बल
व
स्वास्थ्य
प्राप्ति
सावन का दूसरा
सोमवार (10 अगस्त) भी सर्वार्थसिद्घि
योग लेकर आ
रहा है। इस
दिन व्रज नामक
योग बन रहा
है। दोनों योग
के कारण सावन
का दूसरा सोमवार
विशेष फलदायक होगा।
इस दिन भगवान
शिव की पूजा
से बल एवं
स्वास्थ्य का आशीर्वाद
मिलेगा। भगवान शिव को
भांग, धतूरा और
शहद अर्पित करने
से हर इच्छा
पूरी होगी।
तीसरा सोमवार: शिव
मंत्र
की
सिद्धि
सावन का तीसरा
सोमवार (17 अगस्त) साध्य योग
लेकर आ रहा
है। इस योग
को साधना और
भक्ति के लिए
उत्तम माना गया
है। शिव भक्त
इस दिन भगवान
शिव के मंत्रों
का जाप करके
मंत्र सिद्धि प्राप्त
कर सकते हैं।
माना जाता है
कि साध्य योग
में भगवान शिव
की पूजा करने
से कठिन कार्य
भी आसानी से
हो जाते हैं।
मंत्र सिद्धि के
लिए यह सबसे
प्रभावी दिन होगा।
चौथा सोमवार: दांपत्य
जीवन
खुशहाल
चौथे सोमवार (24 अगस्त) पर
आयुष्मान योग व
सौभाग्य योग भी
बन रहा है।
इस शुभ योग
में भगवान शिव
की पूजा करने
से दांपत्य जीवन
में आपसी प्रेम
व सहयोग बढ़ता
है।
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